Author: admin

कितनी मोहब्बत है तुझसे

कितनी मोहब्बत है तुझसे कैसे तुझे बताए आसमाँ को रंग दे या ज़मीन को हम सजाये के आते हैं तारे भी करने तेरा दीदार जाने किस किस की नज़रों से तुझे हम बचाए

कभी वो देखें मुझे, कभी नज़रें चुराती है।

कभी वो देखें मुझे, कभी नज़रें चुराती है। आंखों से प्यार करे, लबों से झुठलाती है। अल्फ़ाज की कमज़ोर वो, दिल की नहीं बोल पाती है। अंदाज़ उसका मस्तमौला, पर मुझसे शर्माती है। कभी वो देखें मुझे, कभी नज़रें चुराती है।

क्या मैं आगे बड़ गया हूं?

अब ये दूरी दर्द नहीं देती, अब तेरी खामोशी चुभती नहीं है, तेरे बारे में सोच अब मैं तड़पता नहीं, क्या मैं आगे बड़ गया हूं? गाने अब महज गाने है,तेरा कोई ख्याल नहीं। तुमसे मोहब्बत थी ज़वाब है मेरा,ये कोई सवाल नहीं। उभर गया तेरे दिए जख्मों से,अब हाल मेरा बेहाल नहीं हां शायद […]