shayri
एक पल को लगा तू मेरा, दूजे ही पल जुदा हो गया, भर्म कहूं या कहूं बदकिस्मती, या रुसवा मेरा ख़ुदा हो गया।

एक पल को लगा तू मेरा,

दूजे ही पल जुदा हो गया,

भर्म कहूं या कहूं बदकिस्मती,

या रुसवा मेरा ख़ुदा हो गया।

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