Shayari- अब ये दूरी दर्द नहीं देती, अब तेरी खामोशी चुभती नहीं है

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Shayari- अब ये दूरी दर्द नहीं देती, अब तेरी खामोशी चुभती नहीं है
Shayari- अब ये दूरी दर्द नहीं देती, अब तेरी खामोशी चुभती नहीं है

Shayari- अब ये दूरी दर्द नहीं देती,
अब तेरी खामोशी चुभती नहीं है,
तेरे बारे में सोच अब मैं तड़पता नहीं,क्या मैं आगे बड़ गया हूं?


गाने अब महज गाने है,तेरा कोई ख्याल नहीं।
तुमसे
मोहब्बत थी ज़वाब है मेरा,ये कोई सवाल नहीं।
उभर गया तेरे दिए जख्मों से,अब हाल मेरा बेहाल नहीं
हां शायद मैं आगे बड़
चला हूं।

Shayari- अब ये दूरी दर्द नहीं देती, अब तेरी खामोशी चुभती नहीं है


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